नाम से ना तो नियत का पता चलता है, ना ही नीयती का

Support Our Journalism

Contribute Now
मेजर धीरज ने जैसे ही दुश्मन सेना के एक जवान के सिर पे गोली मारी, वह उत्तेजित हो गया. बिना सोचे समझे और बिना कवर फायर लिए वह आगे बड़ा मगर यह क्या दुश्मनों ने एक के बाद एक ग्यारह गोलियाँ उसके शरीर में उतार दी. अपने अफ़सर की खौफनाक मौत देख कर सूबेदार हिम्मत सिंह और सिपाही बहादुर सिंह डर के मारे भाग खड़े हुए.

युद्ध का क्या हुआ, मैं नहीं जानता मगर इतना जान गया कि “धीरज” नाम रख लेने से कोई धैर्यवान नहीं होता और हिम्मत या बहादुर नाम का हर आदमी साहसी नहीं होता. नाम से ना तो नियत का पता चलता है, ना ही नीयती का फिर वो नाम राम हो या तैमूर क्या फ़र्क पड़ता है??
इस मुद्दे के दो पहलू हैं. नाम रखने वाले की नीयत और नाम का विरोध करने वालों की नीयत? सैफ अली ख़ान ने अपने बेटे का नाम तैमूर रखा. तैमूर का अर्थ होता है लोहा या फौलाद. मुझे किसी भी तरह की शिकायत नहीं है अगर बच्चे का नाम इसी अर्थ को सोचते हुए रखा गया हो. लेकिन अगर तैमूर नाम किसी क्रूर बादशाह की याद में रखा गया है या फिर किसी एक धर्म की श्रेष्ठता को साबित करने की नीयत से रखा गया है तो मैं इस सोच के विरोध में पूर्ण रूप से रहूँगा.
अब बात करते हैं विरोध करने वालों की नीयत का? हमें ये सच में सोचना होगा कि विरोध सिर्फ़ नाम को लेकर किया जा रहा है या फिर विरोधियों का किसी एक मज़हब के लोगों के प्रति दृष्टिकोण ही ग़लत है? अगर तैमूर की माँ हिंदू ना होकर मुस्लिम होती तो भी क्या इतना ही विरोध होता? अगर सैफ अपने बेटे का नाम पूर्व राष्ट्रपति “अब्दुल कलाम” के नाम पे रखते तो उनकी नीयत तो साफ होती मगर लोग इस नाम को आतंकी “अब्दुल करीम टुंडा” के नाम से जोड़ कर विरोध करते तो क्या विरोधियों की नीयत पे सवाल उठाना ग़लत होता? हम शाहरुख ख़ान का उदाहरण ही ले लेते हैं. शाहरुख ख़ान के बेटे का नाम आर्यन है और बेटी का नाम सुहाना. दोनो ही नाम हिन्दी के हैं मगर क्या शाहरुख ख़ान को कुछ नफ़रत फैलाने वालों का विरोध नहीं झेलना पड़ता? इसीलिए मेरा मानना है कि हमको नाम का नहीं नीयत का विरोध करना चाहिए.
( Rahul Mishra is a mechanical engineer having deep interest in literature, arts, writing, poetry, psychology, sports and social-political matter. He is highly active on social media such as Facebook. He writes small articles, poems and sarcastic content  on popular social and political issues.)
Punekar News is now on Telegram. For the latest Pune, Pimpri Chinchwad PCMC news, Like our Facebook Page, follow on Twitter and Instagram and also subscribe to Punekar News on Telegram.