यात्रा के समय अपना संयम बनाए रखें, कानून को अपने हाथ में न ले
यह देखा गया है कि रेलगाडियो में कुछ नियमित प्रवासी सामान्य यात्रियों के साथ डिब्बे में बैठने को लेकर विवाद करते हैं और उपद्रव करके शांति भंग करते है जिससे अन्य यात्रियों में भय की स्थिति पैदा होती है। पिछले दिनों ऐसे ही एक घटनाक्रम में पुणे से मुंबई जानेवाली गाडी संख्या 11008 डेक्कन एक्सप्रेस को दैनिक यात्रियों द्वारा जबरन तलेगांव स्टेशन पर करीब 32 मिनट तक रोककर रखा। रेलवे प्रशासन ने इस गाडी में सिझन पास धारकों के लिये एक कोच चिन्हित किया है । इसी कोच में अन्य चार यात्री जिनके पास सिझन पास नही था गाडी में चढने की कोशिश कर रहे थे जिनको सिझन पास धारकों ने यह कहकर चढने से रोका कि उनके पास सिझन टिकट नही है । इससे परेशान चार यात्री एवं पास धारकों के बीच विवाद शुरु हुआ जिससे मुंबई की ओर जानेवाले यात्रियों अनावश्यक रुप से काफी विलंब एवं परेशानियों का सामना करना पडा।
इस प्रकार की घटनाओं से रेल प्रशासन चिंतित है और इसे गंभीरता से लिया है क्योंकि रेलवे के सुचारू रुप से परिचालन में ऐसी घटनाओं की वजह से बाधा पहुंचती है एवं गाडी लेट हो जाती है। इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिये अब प्रशासन ने सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। दोनों तरफ की गाडियों में सादी वर्दी में रेल सुरक्षा बल के जवान तैनात किए गए है जो स्थिति पर नजर रख रहे है। ये जवान किसी भी अप्रिय स्थिति में सभी यात्रियों के हित में कार्य करेंगे।
रेल प्रशासन सभी यात्रियों से निवेदन करता है कि अनावश्यक रुपसे गाडी चेन पूलिंग न करें । एक बार गाडी खडी हो जाने पर उसके पीछे चलनेवाली सभी गाडियां एक एक करके मार्ग में रोकनी पडती है जिससे सभी गाडियों का टाईमटेबल गडबडा जाता है और सभी लोगों को परेशानी होती है।
डेक्कन एक्सप्रेस में हुई घटना के संदर्भ में एक यात्री ने दैनिक यात्रियों के विरुध लोनावला में जीआरपी में मारपीट का मामला दर्ज किया है जबकि रेल सुरक्षा बल ने भी विभिन्न धाराओं में गाडियों में उपद्रव करने का केस दर्ज किया है जिसपर आगे की पडताल की जा रही है।
रेल प्रशासन ने सभी यात्रियों से अपील की है कि रेल प्रशासन द्वारा उपलब्ध करायी गयी सुविधा का यथायोग्य उपयोग करें एवं सहयोगात्मक तरीके से यात्रा करें तथा संयम बनाएं रखें । किसी भी स्थिति में कानून को अपने हाथ में न लें अन्यथा ऐसे तत्वों के विरुध सख्ती से कार्रवाई की जाएगी जिसके तहत उन्हे जुर्माना तथा जेल की सजा हो सकती है।
