अनधिकृत रुपसे पटरी पार न करें – मिलिन्द देऊस्कर
अनधिकृत रुपसे पटरी पार करने वालों के विरुध्द पुणे मंडल द्वारा चलायी गई नियमित तथा विशेष कार्रवाई के दौरान पिछले वर्ष जून से इस वर्ष अक्तूबर अंत तक 11408 लोगों को पकड़ा गया एवं अभियोजन की कार्यवाही करते हुए रेलवे कोर्ट द्वारा दंडित किया गया है। ऐसे लोगों से 20 लाख 53 हजार रुपये जुर्माना भी वसूला गया है।
पुणे रेल मंडल विशेष रुपसे ऐसी घटनाओं के प्रति अत्यंत गंभीर एवं चिंतित है। मंडल रेल प्रबंधक श्री मिलिन्द देऊस्कर ने बताया कि पिंपरी, देहूरोड, पुणे स्टेशन के मुंबई छोर का पाथ-वे, घोरपडी, शिवाजीनगर, खडकी, दापोडी, चिंचवड, आकुर्डी, घोरावाडी, शेलारवाडी, तलेगांव, लोनी-उरली, सासवड रोड आदि ऐसे संवेदनशील स्टेशन है जहां पर पटरी पार करते हुए लोग दुर्घटना का शिकार होते है। गाडियां अधिकतम 110 कि.मी. प्रतिघंटे की रफ्तार से चलती है जिससे लोगों को गति का अंदाजा नही होता। रेल पटरीयों के दोनो ओर झुग्गी – झोपडियों में रहनेवाले लोग अक्सर पटरी पार करते है जिससे ट्रेक की गिट्टी फैल जाती है जो ट्रेन परिचालन में बाधक है। साथ ही देखा गया है कि शौच के लिये भी लोग पटरियों का इस्तेमाल करते है । मंडल द्वारा लगातार विभिन्न संचार माध्यमों तथा स्टेशनों पर उदघोषणा आदि के जरिये एवं विशेष अभियान चलाकर नुक्कड नाटक , बैनर, पोस्टर , पैंप्लेट , सूचना बोर्ड लगाकर लोगों को जागरुक करने के प्रयास किये जा रहे है ।
रेल सुरक्षा बल ऐसी घटनाओं को रोकने के लिये लगातार प्रयासरत है। रेल प्रशासन के इतने प्रयासों के बावजूद भी लोग पटरी पार करके ट्रेन की चपेट में आकर अपनी जान गवां देते है जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसी परिस्थिति में रेल परिचालन में भी विलंब होता है जिससे अन्य यात्रियों को भी अनावश्यक कठिनाई होती है। मंडल ने ऐसे कई स्थानों पर जहां से लोग एक ओर से दुसरी ओर पटरी पार करते जाते है वहां सूचना बोर्ड भी लगाए है और रास्तों को बंद करने की कार्रवाई भी की जा रही है। अधिकांश लोग शॉर्टकट का इस्तेमाल कर पटरी पार करते है जबकि स्टेशनों पर फुट ओवर ब्रीज बने है।
भारतीय रेल अधिनियम की धारा 147 के अंतर्गत रेल सीमा में अनधिकृत प्रवेश तथा पटरी पार करना दंडनीय अपराध है जिसके तहत 1000 रुपये तक जुर्माना तथा 6 माह तक की सजा या दोनो का प्रावधान है । पुणे मंडल ने अभी जुर्माने की कार्रवाई की है भविष्य में सघन अभियान चलाकर ऐसे लोगों को जेल की सजा का सामना भी करना पड सकता है।
मंडल रेल प्रबंधक श्री मिलिन्द देऊस्कर ने लोगों से अनुरोध किया है कि वे शॉर्टकट न अपनाते हुए उनके लिये बनाए गए सुविधा जनक रास्तों से आना-जाना करें एवं अपनी कीमती जान को जोखिम में न डालें क्योंकि वे परिवार एवं समाज के लिये महत्वपूर्ण हैं।
