यात्री सुरक्षा हमारी प्राथमिकता- मिलिन्द देऊस्कर

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पुणे मंडल पर ट्रेक, सिगनल सिस्टम आदि की मरम्मत एवं रखरखाव के कई कार्य युध्द स्तर पर किए जा रहे है। रेल इंफ्रास्टक्चर को चुस्त-दुरुस्त बनाये रखने के लिये व्यापक तौर पर सुधार कार्यों को हाथ में लिया गया है। इसके तहत पटरियों की सतह को मजबूत बनाना, पुरानी हो चुकी पटरियों को बदलना, गिट्टियों को बदलना , सिग्नल उपकरणों , ट्रेक सर्किट सिस्टम , केबल को बदलना ओवर हेड वायरिंग एवं मास्ट को बदलना, रोड अंडर ब्रीज को बनाने एवं उसके रखरखाव के लिये आवश्यक बदलाव करना जैसे अनेक छोटे-बडे ट्रेन सुरक्षा से जुडे पहलुओं पर समय समय पर कुछ समय के लिये एकीकृत ब्लाक लेकर कार्य किए जा रहे है।
फिलहाल प्रथम चरण में कामशेत – तलेगांव सेक्शन में आटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग सिस्टम को लगाने का काम युध्दस्तर पर जारी है इसके लग जाने से हर एक किलोमीटर के अंतराल पर सिग्नल लगेंगे जिसकी मदद से लोनावला-पुणे सेक्शन की केपैसिटी बढेगी और गाडियों की पंक्च्युलिटी भी सुधरेगी । यह कार्य दिसंबर अंत तक पूरा कर लिया जाएगा। अगले चरण में तलेगांव से पुणे स्टेशन तक का कार्य हाथ में लिया जाएगा और इसे मार्च 2018 तक पूरा करने का लक्ष रखा गया है।
ठंड के मौसम में तापमान कम हो जाता है जिससे पटरियों के टूटने का डर रहता है ऐसी संभावनाओं को समाप्त करने के लिये पटरियों को तनावरहित ( de-stressing) किया जा रहा है तथा फिटींग को बदलने आदि के कार्य किए जा रहे है।
यह सब गतिविधियां यात्री यातायात को सुरक्षित एवं गतिमान रुप देने को ध्यान में रखकर ही की जा रही है। इसके लिये रेल प्रशासन को समय- समय पर कुछ अंतराल के लिये गाडियों को या तो मजबुरन रद्द करना पडता है या उन्हे रोककर कार्यों को पूरा करना पडता है। रेलवे का मकसद यात्रियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड न करके उनकी यात्रा को सुखद बनाना है।
इस प्रकार के कार्य आगामी कुछ समय तक और चलते रहने की संभावना है। ऐसा करके प्रशासन एक समयावधि में अधिक से अधिक तकनीकी कार्य को कर पाएगा।
मंडल रेल प्रबंधक श्री मिलिन्द देऊस्कर ने स्थिति स्पष्ट करते हुए सभी से अपील की है कि यात्रियों के व्यापक हित में किये जा रहे मुलभूत सुधार कार्यों को अपने लक्ष्य तक पहुंचाने में रेल प्रशासन को सहयोग प्रदान करें।