पुणे मंडल पर ट्रेन की चपेट में आने से 540 लोगों ने जान गंवाई।
पुणे मंडल पर पिछले वर्ष अप्रैल 2017 से मार्च 2018 के दौरान कुल 540 लोग ट्रेन की चपेट में आनेसे अपनी जान गवां बैठे। जबकि 145 लोग जख्मी हो गये।
पुणे मंडल द्वारा पटरियों के आस-पास तथा स्टेशन क्षेत्र में लोगों द्वारा असुरक्षित तरीके से पटरी पार करने की घटनाओं को रोकने के लिये काफी प्रयास किए जाते है लेकिन दुर्भाग्यवश थोडा समय बचाने एवं जल्दबाजी में लोग फुट ओवर ब्रीज होते हुए भी पटरी पार करते है और अपनी जान जोखिम में डालते है। कई लोग इअरफोन लगाकर पटरी से चलते है , जिससे रेलगाडी का आवाज भी नही सुनते और हादसे का शिकार हो जाते है। जब ट्रेन की चपेट में आनेपर कोई हादसा हो जाता है तब उस गाडी को रोकना पडता है और ट्रेक से बॉडी हटाने की कवायद शुरु हो जाती है । इस प्रक्रिया में काफी समय लग जाता है जिससे इस गाडी के साथ – साथ उसके पीछे चलनेवाली कई गाडियां रुक जाती है, जिससे समयपालन बुरी तरह प्रभावित होता है। सभी गाडियां एक एक कर लेट हो जाती है।
मंडल रेल प्रबंधक श्री मिलिन्द देऊस्कर ने इस बात पर चिंता जतायी है । उन्होने बताया कि पुणे-लोनावला खण्ड पर पिंपरी, कासारवाडी, चिंचवड, दापोडी, खडकी, आकुर्डी आदि ऐसे संवेदनशील क्षेत्र है जहां रेलसीमा में इस प्रकार की घटनाएं ज्यादातर देखने में आयी है। मंडल ने ऐसे स्थान चिन्हित किए है जहां से लोग रेल सीमा में आकर पटरी पार करते है। वहां फेंसिंग तथा बैरिकेडींग तथा दीवार बनाकर इसकी रोकथाम के उपाय किए गए है। इसके बावजूद लोग इधर-उधर से रेल सीमा में आ जाते है जो खतरनाक है। मंडल द्वारा लगातार विभिन्न संचार माध्यमों तथा स्टेशनों पर उदघोषणा आदि के जरिये एवं विशेष अभियान चलाकर नुक्कड नाटक , बैनर, पोस्टर , पैंप्लेट , सूचना बोर्ड लगाकर लोगों को जागरुक करने के प्रयास किये जा रहे है । मंडल द्वारा ट्रेस पासिंग करनेवाले ऐसे लोगों की धरपकड के लिये भी नियमित रुप से अभियान चलाए जाते है। विगत वर्ष ऐसे 6961 मामले दर्ज किए गए जिन्हे रेलवे न्यायालय द्वारा दंडित किया गया है तथा उनसे 7लाख 32 हजार रुपये जुर्माना वसूला गया !
