महाराष्ट्र में मिले कोरोना के 11 मरीज़ों में तीव्र लक्षण नहीं: मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे
मुंबई, दि. 12/03/2020 : महाराष्ट्र में कोरोना के मरीज़ों की संख्या 11 हुई है और इन सभी मरीज़ों में इस बीमारी के लक्षण कम है। इसलिए अधिक चिंता करने के बजाए, अधिक ध्यान रखने की बहुत आवश्यकता है। केंद्र सरकार की सूचना के अनुसार चीन, इराण, इटली, द. कोरिया, फ्रान्स, स्पेन और जर्मनी इन 7 देशों से यात्रा किए गए लोगों का ‘क्वॉरंटाईन’ किया जाए। राज्यभर के पर्यटनस्थल, तीर्थस्थलों में भीड़ नियंत्रण करते समय ही इस पर जनजागरण बड़े पैमाने पर किया जाए। यात्रा, सरकारी कार्यक्रम पूरी तरह से रद्द किए जाए। जो लोग विदेशों से यात्रा करके आए है, वह 14 दिनों तक घर में ही रहें। अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के शहरों में विलगीकरण और क्वॉरंटाईन की सुविधा जल्द से जल्द निर्माण करें। जिलाधिकारियों ने स्वास्थ्य सेवा देनेवाले कर्मचारियों के लिए पर्याप्त मात्रा में मास्क उपलब्ध हो सके, इस संदर्भ में जायजा लिया जाए। प्रत्येक शहर के टूर ऑपरेटर्स ने विदेश में यात्रा किए गए और इन दिनों में यात्रा करनेवाले यात्रियों की सूची प्रशासन को देने के निर्देश मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने आज जिला प्रशासन को दिए।
कोरोना के संदर्भ में राज्यव्यापी जायज़ा लेने के लिए मुख्यमंत्री ने मंत्रालय से सभी विभागीय आयुक्त, जिलाधिकारी, महापालिका आयुक्त, जिला परिषद मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला शल्य चिकित्सकों से वीडियो कॉन्फरन्सिंग के द्वारा संवाद साधा। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे, चिकित्सा शिक्षा मंत्री अमित देशमुख, खाद्य एवं औषध प्रशासन मंत्री डॉ.राजेंद्र शिंगणे, मुख्य सचिव अजोय मेहता आदि उपस्थित थे।
विषाणू की उत्पत्ति स्थानीय नहीं है
मुख्यमंत्री श्री. ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र में कोरोना के मरीज़ मिले है, लेकिन इन मरीज़ों में इस बीमारी के गंभीर लक्षण निदर्शन में नहीं आए है, इसलिए इस विषाणू की तीव्रता कम हुई होगी, जो की समाधानकारक ही होगा। हालांकि इस विषाणू की उत्पत्ति स्थानीय नहीं है। विदेश में गए पर्यटकों के माध्यम से उसका फैलाव हुआ है। गत बुधवार से राज्य में इस संदर्भ में जांच अधिक तीव्र की गई है और विविध देशों के दुतावास से भी चर्चा की जा रही है।
नागरिक डरकर जांच के लिए कतार न लगाए
मुख्यमंत्री ने बताया कि जो मुख्य शहर है, वहाँ के टूर ऑपरेटर्स ने शहर के विदेशों में गए पर्यटकों की जानकारी जिला प्रशासन को देना चाहिए। जो पर्यटक वापिस आनेवाले है, वह स्वयं से 15 दिनों तक घर में रहे और स्वयं को स्वतंत्र रखे। परिवार में अथवा समाज में न घुल-मिले, इस तरह के संदेश उन्हें दिए जाए। कोरोना मरीज़ निदर्शन में आ रहे है, इसलिए नागरिकों ने डरकर जांच के लिए कतार न लगाए, बल्कि अधिक से अधिक सावधानी बरतने का आवाहन मुख्यमंत्री ने इस दौरान किया।
राज्यस्तर पर इस संदर्भ में हर दो घंटे में जायज़ा लिया जा रहा है, यह बताते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच की सुविधा केंद्र सरकार की मान्यता से की जाती है। इसलिए केंद्र सरकार ने अनुमति देने के बाद ही प्रयोगशाला को मंजुरी दी जाएगी। पर्यटनस्थल, धार्मिक स्थल, वहां पर भीड़ नियंत्रण करते समय बड़े पैमाने पर जनजागरण किया जाए। कोरोना का संकट दरवाजे की चौकठ तक आ चुका है, लेकिन इसे भीतर न आने देने के लिए हम सभी ने मिलकर प्रयास करना चाहिए, यह आवाहन भी मुख्यमंत्री ने इस दौरान किया।
सात देशों से आए यात्रियों की 100 प्रतिशत क्वॉरंटाईन किया जाए – मुख्य सचिव
प्रशासन को निर्देश देते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि चीन, इराण, इटली, द. कोरिया, फ्रान्स, स्पेन और जर्मनी इन देशों से 15 फरवरी की बाद जिन लोगों ने यात्रा की है और वह देश में वापिस आए है, उन्हें सख़्ती से 15 दिन तक घर में ही स्वतंत्र रहने की सूचना दी जाए। केंद्र सरकार की सूचना के अनुसार इन सात देशों से आए तथा आनेवाले यात्रियों का 100 प्रतिशत क्वॉरंटाईन किया जाए। पुणे, मुंबई, नागपुर में किस तरह की क्वॉरंटाईन की सुविधा की है, इसकी जानकारी भी महापालिका आयुक्त जल्द से जल्द दें । मुख्य सचिव ने कहा कि अन्य शहरों के महापालिका आयुक्त भी इस तरह की जानकारी कल तक दें।
सरकारी कार्यक्रम रद्द करें
यात्रा, सामूदायिक कार्यक्रम, अभियान, सरकारी कार्यक्रम पूरी तरह से रद्द किया जाए। लोगों को प्रशिक्षित किया जाए। कोरोना की संदेहास्पद मरीज़ की पहचान, उनका विलगीकरण इन सभी बिंदुओं पर अधिक ध्यान दिया जाए। शहर के पर्यटन कंपनियों को अगले कुछ दिनों तक बुकिंग न करने की सूचना दी जाए। सार्वजनिक स्वच्छतागृह, सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता रखे। उन्होंने कहा कि जो भी इन सूचनाओं को पालन नहीं करेगा, उन पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
प्रत्येक गाँव के लिए एसओपी तैयार करें
बाधित मरीज़ निदर्शन में आने पर उसके यात्रा की जानकारी, उसके संपर्क में आए हुए लोगों की जानकारी इस सभी की पूछताछ के लिए टीम तैयार करें। प्रत्येक गाँव के लिए एसओपी तैयार की जाए। अगले कम से कम 15 से 20 दिन शहर के धार्मिक कार्यक्रम, यात्रा रद्द करने के संदर्भ में विविध संस्थाओं से विनती की जाए, यह सूचना मुख्य सचिव ने इस दौरान संबंधितों से दी।
प्रत्येक जिले में नियंत्रण कक्ष शुरू करें
स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव डॉ. प्रदिप व्यास ने कहा कि केंद्र सरकार ने दी हुई सूचना के अनुसार 7 देशों के जो यात्री कल से वापिस आएंगे या आनेवाले है उन्हें क्वॉरंटाईन करने के लिए जिलाधिकारियों की ओर से व्यवस्था की जाए। विदेशों से यात्रा करके आए हुये यात्री और जिन्हें इसकी लागत हुई है तथा जो इन यात्रियों के संपर्क में आए है, ऐसे उनके करीबी साथियों की भी जांच की जाएगी। इन करीबी साथियों के संपर्क में आए हुए लोग भी स्वयं से ही घर में अलग से रहे। प्रत्येक जिले में जिलाधिकारी नियंत्रण कक्ष शुरू करें। हालांकि आम लोगों को जल्द से जल्द जांच करने की आवश्यकता नहीं है। जिन मरीजों की रिपोर्ट पॉझिटिव आयी है, लेकिन उनमें इस बीमारी के लक्षण नहीं मिले है, ऐसे मरीजों का अस्पताल में क्वॉरंटाईन किया जाए। क्वॉरंटाईन की सुविधा अस्पताल से दूर की जाए। लेकिन विलगीकरण की सुविधा अस्पताल में ही होना चाहिए।
दरमियान औरंगाबाद, नाशिक, अमरावती, नागपुर, कोकण और पुणे विभागीय आयुक्त ने विभाग में शुरू उपाययोजनाओं के संदर्भ में एवं क्वॉरंटाईन, विलगीकरण के लिए आरक्षित जगह की जानकारी दी।
