पहले विराट हिंदी “कवि सम्मेलन” का सफल आयोजन

Share this News:

मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय,पुणे के इंद्रायणी बहुउद्देशीय सभागृह में मंडल रेल प्रबंधक,पुणे  मिलिन्द देऊस्कर की अध्यक्षता में राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पहले विराट हिंदी कवि सम्मेलन का सफल आयोजन किया गया।इस अवसर पर पुणे मंडल के कई रेल अधिकारी तथा बडी संख्या में कर्मचारी उपस्थित थे।

कवि सम्मेलन में मंच का कुशल संचालन अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त मंच संचालक  सुभाष काबरा द्वारा किया गया । कवि सम्मेलन में प्रसिद्ध रेल कवि डॉ.मुकेश गौतम,राजेंद्र मालवीय तथा घनश्याम अग्रवाल सहित पुणे की नवोदित कवियित्री  ममता जैन भी उपस्थित थीं।

मंडल रेल प्रबंधक मिलिन्द देऊस्कर के मार्गदर्शन में पुणे मंडल पर पहली बार आयोजित इस विराट हिंदी कवि सम्मेलन के अवसर पर श्रोताओं से खचाखच भरे इंद्रायणी सभागृह में आमंत्रित सभी कवियों ने अपने सम्मोहित करने वाले काव्य-पाठ से श्रोताओं का मन मोह लिया। हर्षोल्लास से भरे श्रोताओं ने भी तालियों की गडगड़ाहट से समां बांध दिया । राजेंद्र मालवीय की “आलसी” और “जी हां हम रेल चलाते हैं” कविताओं का सभी श्रोताओं ने भाव-विभोर होकर पूरा आनंद उठाया।
इस अवसर पर भारत सरकार,गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग की 20 हजार शब्दों की प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत पुणे मंडल के कर्मचारियों को नकद पुरस्कार तथा प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए गए । राजभाषा हिंदी में सराहनीय कार्य करने वाले अन्य 38 कर्मचारियों के लिए भी नकद पुरस्कार की घोषणा की गई ।

 मिलिन्द देऊस्कर,मंडल रेल प्रबंधक,पुणे के कार्य-काल में मध्य रेल के पुणे मंडल पर राजभाषा हिंदी के क्षेत्र में कई अभिनव पहल शुरू की गई हैं जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं तथा पुणे मंडल पर राजभाषा हिंदी के प्रयोग-प्रसार को बढ़ाने के लिए एक प्रोत्साहक वातावरण भी तैयार हुआ है ।