शादी में दहेज नहीं दें माता-पिता – मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे

जयपुर, 20 अप्रेल : मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने कहा है कि माता-पिता अपनी लड़कियों की शादी में दहेज नहीं दें। उन्होंने कहा कि घर में कन्या का जन्म लक्ष्मी का आगमन है। उसका स्वागत करें। उसके जन्म पर खुशियां मनायें। उसकी सही परवरिश करें। उसे शिक्षित बनायें, उसे वित्तीय रूप से स्वावलम्बी बनायें और उसकी शादी में जल्दबाजी नहीं करें। उन्होंने कहा कि शिक्षित लड़की जहां भी जायेगी, उसका सम्मान होगा।

मुख्यमंत्री बुधवार को झालावाड़ में राजपूत विकास परिषद राजस्थान के तत्वावधान में राजपूत छात्रावास में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन को सम्बोधित कर रही थीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शुभलक्ष्मी योजना में कन्या के जन्म से लेकर 12वीं तक 50 हजार रुपये की वित्तीय सहायता देती है। ऎसा करने वाला राजस्थान देश में पहला राज्य है। मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में विवाह कर रहे दूल्हा-दुल्हन को शुभकामनाएं एवं बधाइयां दीं। उन्होंने राजपूत विकास परिषद द्वारा सम्मेलन में विवाहित युवाओं को नौकरी एवं रोजगार दिलवाये जाने की भी प्रशंसा की।

इस अवसर पर सासंद श्री दुष्यन्त िंसंह, जन अभाव अभियोग समिति के अध्यक्ष श्रीकृष्ण पाटीदार, सम्मेलन के अध्यक्ष रामप्रताप सिंह, राजपूत विकास परिषद के संरक्षक श्री मेघराज सिंह रोहेल, अध्यक्ष श्री वीरेन्द्र सिंह झाला, श्री जयदीप सिंह झाला, श्री इन्द्रजीत सिंह झाला, श्री बलवीर सिंह सिसोदिया, श्री नवलसिंह झेराना, श्री वीरेन्द्र सिंह राजावत, जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।